गुरुवार, 1 जुलाई 2010

अपने हर खिलाड़ी को चूमते हैं मेराडोना

अर्जेंटीना के कोच डिएगो मेराडोना में कुछ बात तो है ही जो उन्हें अन्य देशों के कोचों से जुदा करती है।

वे अपने खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां तो समझाते ही हैं साथ ही उन्हें भावनात्मक रुप से मज़बूत करने पर अधिक ज़ोर देते हैं।

मेराडोना अपने हर खिलाड़ी को तहेदिल से प्यार करते हैं और हर मैच से पहले वह हर खिलाड़ी को गले लगाकर उसे चूमते हैं। अभ्यास के दौरान वह प्यार से अपने खिलाड़ियों पर चिल्लाते हुए उन्हें ये हौंसला देते रहते हैं कि तुम दुनियां के सबसे अच्छे खिलाड़ी हो।
यहां तक कि जब शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल जाता है तब भी उनका ऐसा उत्साह बना रहता है।

विश्वकप से पहले मेराडोना के आलोचकों ने उन्हें साधारण कोच और रणनीतिकार बताया लेकिन अगर अर्जेंटीना तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रहता है तो उन्हें अपने शब्द वापस लेने पड़ेंगे।

Source:http://www.samaylive.com/sports-hindi/football-world-cup-2010/index.1.html

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